🚑 मरकर भी दे गए नई जिंदगी, आर्मी अफसर के दिल ने बचाई मरीज की जान
चंडीगढ़ से नोएडा तक बना ग्रीन कॉरिडोर, महज 9 मिनट 30 सेकंड में पहुंची एंबुलेंस नोएडा।
चंडीगढ़ के एक जांबाज आर्मी अफसर ने ब्रेन डेड घोषित होने के बाद अंगदान कर किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी देने की मिसाल पेश की। परिजनों ने अफसर की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान का फैसला लिया।इसी दौरान नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में एक मरीज को तत्काल **हार्ट ट्रांसप्लांट** की जरूरत सामने आई।

चंडीगढ़ के आर्मी अस्पताल से दिल को सुरक्षित तरीके से नोएडा पहुंचाना बड़ी चुनौती थी, क्योंकि समय बेहद सीमित था।दिल को एयरलिफ्ट कर गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद गाजियाबाद और नोएडा पुलिस ने आपसी तालमेल से विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया।
भारी ट्रैफिक के बीच पुलिस ने एंबुलेंस को तेजी से रास्ता उपलब्ध कराया और बताया गया कि एंबुलेंस ने करीब 9 मिनट 30 सेकंड में यह महत्वपूर्ण सफर पूरा किया।पुलिस और मेडिकल टीम की तत्परता से दिल समय पर अस्पताल पहुंच सका, जहां मरीज के हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।यह घटना न केवल अंगदान की महत्ता, बल्कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल टीम के बेहतरीन समन्वय की भी मिसाल बनकर सामने आई है।
