धमतरी। देवपुर।ग्राम पंचायत देवपुर निवासी शशिकांत भारत इलेक्ट्रिकल कंप्यूटर के छात्र थे। वर्ष 2016 में जेठोनी कार्यक्रम के दौरान हुए हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। करीब 50 दिनों तक कोमा में रहने के बाद शशिकांत लकवाग्रस्त हो गए।
पिछले 10 वर्षों से लकवे की गंभीर स्थिति से जूझ रहे शशिकांत ने अपनी पीड़ा सरकार तक पहुंचाते हुए इच्छामृत्यु की मांग की थी। लंबे समय से इलाज और कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन गुजार रहे शशिकांत की फरियाद आखिरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायतक पहुंची।मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए **शशिकांत की हरसंभव मदद करने का ऐलान किया है।
CM की संवेदनशील पहल के बाद पीड़ित परिवार में उम्मीद जगी है।
पूरी घटना इस प्रकार है की शशिकांत भरत जिला धमतरी ग्राम देवपुर निवासी है साल 2016 कंप्यूटर प्रशिक्षण की पढ़ाई के दौरान वह गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गए थे। 50 दिन कोमा में रहने के बाद वह लकवा से ग्रस्त हो गए पिछले 10 वर्षो से वह बिस्तर पर गंभीर अवस्था में जूझ रहे है इस दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग भी की थी।
निराशा के इस दौर में पीड़ित युवक ने हार नहीं मानी और सोशल मिडिया के एवं डिजिटल न्यूज़ के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई
