अंबिकापुर :भारत मुक्ति मोर्चा की मांग- अनुपम वस्त्रालय मामले में कौशल केडीया और रविन्द्र तिवारी की गिरफ्तारी और छत्तीसगढ़ बंद की चेतावनी.

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) : विशेष रिपोर्ट भारत मुक्ति मोर्चा एवं सहयोगी संगठनों ने सरगुजा (अंबिकापुर) में घटी दुष्कर्म की घटना और पीड़ित महिला के साथ हुए अन्याय को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

संगठन द्वारा महामहिम राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक (DGP), पुलिस महानिरीक्षक (I.G. सरगुजा रेंज), पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) सरगुजा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है।  मामले की पृष्ठभूमि और घटनाप्राप्त ज्ञापन के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की निवासी अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की पीड़िता (श्रीमती झूलमती पैकरा) के साथ 11 अगस्त 2026 को अंबिकापुर स्थित ‘अनुपम वस्त्रालय’ में कथित तौर पर बलात्कार की घटना घटी थी।

इस संबंध में भारत मुक्ति मोर्चा द्वारा पहले भी 21 सितंबर 2026 और 5 अक्टूबर 2026 को ज्ञापन दिए जा चुके हैं।

  ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें:1. धाराओं में वृद्धि एवं गिरफ्तारी: आरोपी – अनुपम वस्त्रालय के संचालक कौशल केड़िया के विरुद्ध बलात्कार तथा SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की गंभीर धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज कर धारा वृद्धि की जाए और वैधानिक आधार पर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।  2. जातिगत टिप्पणी करने वाले पर कार्रवाई: सार्वजनिक मीडिया के समक्ष अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के प्रति अभद्र, अपमानजनक व जातिगत टिप्पणी करने वाले रविन्द्र तिवारी को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।  3. पुनः बयान व निष्पक्ष जांच: पीड़िता द्वारा पुलिस के उच्च जांच अधिकारी के समक्ष दिए गए पुनः बयान को केस डायरी और विवेचना में विधिवत शामिल किया जाए। 4. डिजिटल व चिकित्सीय साक्ष्यों का संरक्षण: अनुपम वस्त्रालय और आसपास के CCTV/DVR/NVR, मोबाइल तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित कर निष्पक्ष सत्यापन और chain of custody सुनिश्चित की जाए।  5. सुरक्षा एवं पारदर्शी कार्रवाई: पीड़िता या गवाहों को धमकी देने या जांच प्रभावित करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

  ‘छत्तीसगढ़ बंद’ की चेतावनीभारत मुक्ति मोर्चा ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यदि आरोपियों – कौशल केड़िया और रविन्द्र तिवारी – को तत्काल गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया, तो इस गंभीर मुद्दे पर ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ शासन एवं पुलिस प्रशासन की होगी।

  ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पदाधिकारी:इस आवेदन पत्र पर निम्नलिखित प्रमुख पदाधिकारियों के हस्ताक्षर एवं सहमति दर्ज है:  अरविंद कछप (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़)  सुनील खलखो (प्रदेश अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़)  श्यामसुंदर मरावी (प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद, छत्तीसगढ़)  विपिन कुमार वास्तविक (प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, छत्तीसगढ़)

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